शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों का बड़ा ऐलान, 6 दिसंबर को करेंगे दिल्ली कूच, इस बार नहीं जाएगी ट्रैक्टर-ट्रॉली

शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों का बड़ा ऐलान, 6 दिसंबर को करेंगे दिल्ली कूच, इस बार नहीं जाएगी ट्रैक्टर-ट्रॉली

शंभू बॉर्डर पर बैठे किसान एक बार फिर दिल्ली रवाना होंगे। अब किसान 6 दिसंबर के दिन दिल्ली की तरफ शंभू बॉर्डर से ही कूच करेंगे। चंडीगढ़ में हुई किसानों की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक के बारे में बताते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि किसान 9 महीने से चुप बैठे थे, लेकिन सरकारों की ओर से हमारी उपेक्षा की जा रही है। इस कारण दिल्ली जाने का फैसला लिया है। उन्होंने बताया कि इस बार किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों दिल्ली नहीं जाएंगे, लेकिन जाएंगे समूह में। सरवण सिंह पंधेर ने सरकार से मांग उठाई कि उन्हें प्रदर्शन के लिए जगह मुहैया करवाई जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार के पास 6 दिसंबर तक का समय है। या तो जंतर-मंतर या फिर रामलीला ग्राउंड में प्रदर्शन की जगह दी जाए। किसान नेता ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगें पूरी नहीं करती है तो किसान पीछे नहीं हटेंगे। जत्थों के साथ दिल्ली कूच करेंगे। इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि अगर आगे कोई रणनीति बनती है तो मीडिया को बताएंगे।

सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अब यह सरकार पर है कि उन्हें किसानों पर बम फेंक कर बात खत्म करनी है या फिर बैठक के जरिए। उन्होंने कहा कि इस बार दिल्ली कूच की सबसे बड़ी बात यह रहेगी कि किसानों के सभी बड़े नेता आगे होंगे। सनाव सिंह पन्नू, सुरिंदर सिंह और सुरजीत सिंह फूल जैसे बड़े नेता मोर्चे में आगे रहेंगे. साथ ही सभी जत्थों के नेता मोर्चे में सबसे आगे रहेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि ये ऐलान किसी एक जत्थेबंदी का नहीं है बल्कि सबकी सहमति से किया गया है।

अपने वक्तव्य में किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि अगर सरकार हमारे साथ किसी प्रकार का कोई जुल्म करेगी तो पूरी दुनिया देखेगी कि सरकार किसानों के लिए क्या कर रही है? उन्होंने कहा कि इसके सिर्फ दो ही रास्ते हैं या तो सरकार हमें दिल्ली जाने दे, या फिर सरकार हमारी बात सुने और उसे पूरा करे ।

वहीं किसान नेता पंधेर ने बताया कि जितने भी किसान नेता दिल्ली जाना चाहते हैं कि उनके रजिस्ट्रेशन हम 30 नवंबर से शुरू कर देंगे। सभी के नाम-पते लिखकर सारा रिकॉर्ड हम अपने पास रखेंगे।

एक और महत्वपूर्ण बात जो किसान नेता पंधेर ने बताई कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल इस बार मरणव्रत करेंगे, इसके अलावा डल्लेवाल जिस दिन मरव्रत पर बैठेंगे,उस दिन पूरे राज्य में बीजेपी का कोई भी नेता कहीं भी निकलेगा तो किसान उन्हें काले झंडे दिखाएंगे। उनसे सवाल करेंगे कि जो किसान बॉर्डर पर बैठे हैं, उनके मसले का क्या किया जा रहा है?

आपको बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल आमरण अनशन का ऐलान पहले ही कर चुके हैं। वह 26 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठेंगे। किसान मजदूर मोर्चा(भारत) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेताओं ने किसान भवन चंडीगढ़ में कहा थ कि सरकार किसानों के मुद्दों पर गंभीर नहीं है।

इसके चलते किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल खनौरी सीमा मोर्चे पर आमरण अनशन पर बैठेंगे और अंतिम सांस तक अनशन जारी रखेंगे। इस मौके पर डल्लेवाल ने कहा था कि उनकी कई मांगें, जैसे न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की गारंटी और खाद एवं फसल खरीद में पारदर्शिता शामिल है, लेकिन यह मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। मोर्चे के नेताओं ने यह भी कहा था कि अनशन के दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल की अगर जान जाती है तो इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। साथ ही अन्य किसान नेता इस आंदोलन को जारी रखने के लिए अनशन का नेतृत्व करेंगे।